परिचय

नमस्ते! मैं पद्मजा, अपनी पहली ब्लॉगपोस्ट लिख रही हूँ। मैं चेन्नई मेंं रहने वाली गृहणी हूँ। बचपन से मुझे हिन्दी में बात करने की ज्यादा दिलचस्पी थी। इसलिए पहले हिन्दी प्रचार सभा की परीक्षाएँ लिखना शुरू की। सिर्फ इससे हिन्दी भाषा की परिचय तो हुई, लेकिन बात चीत न कर पाई।तभी से मैं अपनी बहन के साथ बात करना शुरू की। यदि हम कोई गलत करें तो हमारे पापा जो हिन्दी भाषा विशारद हैं, हमें ठीक कर देते हैं। आज कल तो मुझे इस बात पर आश्चर्य होता है कि मैं भी हिन्दी में बात कर सकती हूँ। अब

इसी तरीके से मैं अपनी पास हिन्दी सीखने वाली लडकियों को हिन्दी में आसानी से बात करने में मदद कर रही हूँ।

10 thoughts on “परिचय”

  1. मैं मानता हूँ कि भाषाओं का आदान प्रदान सभ्यताओं के मेल में सहयोगी है, अतः चेन्नई में रहते हुए आपका यह प्रयास सराहनीय है, आप बेहद उम्दा काम कर रहीं हैं, शुभकामनाएँ 😊

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  2. मैं हिंदी भाषी हूं । भारत की अन्य भाषाओं की जानकारी न होना सीमाएँ बना देता है । मैं भी दक्षिण भारत की भाषाओं को सीखने का प्रयास करूँगा ।

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  3. Hindi seekh ke liye aapne jo prayas kiya woh kaafi kathin prayas tha.
    Umeed hai, hindi ki mithas, aapke jeevan me mitha pan layi hogi.
    Aage bhi aanad mai safar ho.
    👍

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  4. यें बहुत अच्छी बात हैं हिंदी भाषा में रूची होना मुझे हिंदी भाषा सें अधिक प्रियें अन्य कोई और भाषा नहीं हैं मेरी दैनिकचार्या की भाषा हिंदी ही हैं ।

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