हर एक औरत केलिए

मदर तेरेसा की लेखनी से :

यदि हमारी आँखें सकारात्मक हो, तो हम इस दुनिया से प्यार करेंगी।

लेकिन यदि हमारी जुबान सकारात्मक हो, तो यह संसार हमें प्यार करेगी।

एक औरत अपनी प्यार को कार्यरूप देती है। वह दिल से देखती और आँखों से महसूस करती।

औरत अपनी परिवार केलिए एक बैंक जैसी होती है, जहाँ इसके सभ्य अपने अपने क्रोध, परेशानी, बाधा आदि को आसानी से डेपासिट कर सकते हैं।

औरत सिमेंट की तरह परिवार के लोगों को बाँधती है, जो कई सालों तक मजबूत रहती है।

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