हिन्दुस्तानी का हालत

मेरा बेटा जर्मनी देश में काम करता है।

एक रविवार को उसने एक बंग्लादेशीय रेस्टोरेंट में वेजिटबिल पकोडे 10 यूरोस् देकर होम डेलिवरी की आर्डर किया था।

जब पकोडे घर पहूँची तो मेरे बेटे ने खाने के लिए खोला तो भीतर की सब्जियां बिलकुल खराब थी और पकोडे भी अध पकी। 

बेचारा क्या कर सकता। उन्हें फेंकना पडा।

मेरा तो सिर्फ एक ही सवाल है क्या यही बंग्लादेशी जर्मन को ऐसी खराब हुई खाना दे सकता??

हम हिन्दुस्तानी जहाँ भी हो हमसे भी छोटे देश के लोग भी हमारी बेइज्जती आसानी से करते हैं।

लेकिन ऐसा क्यों???

4 thoughts on “हिन्दुस्तानी का हालत”

  1. Are baap re. Badi buri baat hai. Meine aisa pehle kabhi nahi suna.
    Hamara experience bilkul alag hai. Apne dish se baher aane ke baad to log aur pass aate hain.

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    1. आप तो. सही कहा लेकिन वहाँ की भारतवासी औऱ जर्मन के लोग तो अच्छी तरह स्नेह भाव से रहते हैं।
      यह रेस्टोरेंट बंग्लादेशी का है न । इसलिए यह हुआ। 🤔

      Liked by 1 person

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