तसल्ली

एक धनी औरत सैकियाट्रिस्ट को देखने गई।

कहने लगी कि उसके पास सब कुछ है, फिर भी अपनी जीवन में कुछ कमी महसूस करती।

तभी वहाँ की नौकरानी सफाई करने उस कमरे में आई ।सैकियाट्रिस्ट ने उससे अपनी तजुर्बा की जानकारी देने को कहा क्योंकि ऐसी हालत में नौकरानी की अनुभव बेहतर समझी।

नौकरानी अपनी पति और बेटे को खोकर अकेले में कई दिन रोती रही।ऐसे ही क ई दिन बीत गई।
एक बारिश के दिन जब वह अपनी काम से लौट रही थी, तब एक भीगी हुई बिल्ली को कांपती हुई देखी। उसे अपनी घर के अंदर ले आई, तौलिये से उसे पोंछी और पीने के लिए गरम दूध भी दी। उस रात को नौकरानी ने चैन से सोई।

इस घटना के बाद वह अपने घर के आसपास के जरूरतमंद लोगों को मदद करने लगी। यही उसकी अपनी जिंदगी की मक्सद लगी।

इस हादसे को सुनकर धनी औरत की मन में भी उदारता की भाव फूल उठी। आजकल वह गरीबों का और अपाहिजों का सेवा बडी ही दिलचस्पी से करने लगी।

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