दृष्टिकोण

समुद्र के किनारे पर खेलते हुए एक लडके के जूते लहरों के साथ समुद्र के अंदर डूब गई। लडके ने गुस्से से तट पर लिखा “यह समुद्र एक चोर है।”

कुछ ही दूर पर एक मछुआरे को अनगिनत मछलियाँ मिलने पर उसने लिखा “यह समुंदर एक बडा ही दाता है।”

उसी सागर में एक तैराक तैरते हुए डूब गया। उसकी माँ बेटे को खोकर रोते हुए इसी सागर को सबको मारकर खानेवाले राक्षस से तुलना की।

उस जलधि में एक बूढ़े को ढेर सारे मोतियाँ मिली। वह प्रसन्न होकर

लिखा “मेरे लिए चैन से जीने के लिए यह सागर काफी है।”

इतने में एक बडी लहर आकर सबके लिखावट को रगड़ दी।

इस दुनिया में हर एक का दृष्टिकोण और हालत अलग-अलग होता है। इसका मूल्यांकन करना नामुमकिन है।

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