कलियुग

भगवान श्री कृष्ण से, युधिष्ठिर के सिवा, बाकी ४पांडवों ने कलियुग के बारे में जानकारी देने के लिए निवेदन किए। श्री कृष्ण ने मुस्कुराते हुए धनुष उठाए इसमें से चार तीर चारों दिशाओं में लगाए। और इन चार पांडवों से इन तीरों को लाने के लिए कहा।

अर्जुन एक ओर तीर ढूंढ लाने के लिए गया, वहां उसने जो दृश्य देखा, इससे वह बहुत दुःखी हो गया। वहां एक कोयल अपनी मीठी आवाज से गा रही थी लेकिन अपने पैरों के नीचे एक छोटी सी खरगोश को सजीव दबाकर अपने चोंच से चुभा रही थी। वह खरगोश दर्द से तड़प रहा था।

जहां से भीम अपना तीर लिया, वहां ५कुएं थे। एक कुआं बीच में से और उसके चारों तरफ चार कुएं थे जो पानी से भरपूर थे। लेकिन बीच में मौजूद कुआं बिलकुल सूखा पड़ा था। भीम को कुछ भी समझ में नहीं आया और वह भी वापस लौटा।

नकुल जहां से तीर लिया वहां एक गाय अपने बच्चे को जन्म दी और उसे जीभ से बड़ी ही प्यार से चाट रही थी। पूरी तरह साफ करने के बाद भी बहुत ही चाट रही थी। बड़ी ही मुश्किलता से लोगों ने उसे अपने बच्चे से अलग कर सके। लेकिन इतने में गाय का बछड़ा घायल हो गया था। इसपर नकुल चिंतित हो गया।

सहदेव को तीर एक पहाड़ के पास मिला। तभी पहाड़ पर से एक बड़ी पत्थर गिर रही थी। वह अपने राह के बड़े वृक्षों को गिराती हुई , नीचे की तरफ तेज से गिर रही थी। लेकिन उसकी गति को एक छोटा सा पौधा ने रोक लिया था।

पांडवों ने श्री कृष्ण से अपने द्वारा दृष्टित विषयों पर चर्चा किए। तब श्री कृष्ण मुस्कुराहट से इन सभी घटनाओं का कारण बताया। कलियुग में गुरु के रूप में कुछ लोग मीठी बोली बोलते हैं और उन्हें ज्ञान भी अधिक होती हैं लेकिन वे लोगों को शोषित कर देते हैं। जैसे अर्जुन से देखा गया कोयल मीठी आवाज से गाते हुए खरगोश को सता रही थी।

कलियुग में अमीर लोग ढेर सारे धन दौलत से भरे हुए होते हैं। उन्हीं के बीच में गरीब लोग भी रहते हैं। लेकिन वे अमीर , गरीब को एक छोटी सी भी सहायता करने को तैयार नहीं होंगे। जैसे भीम ने चार कुएं को पानी से भरपूर देखा और उन्हीं के बीच में से एक सूखा हुआ कुआं भी मौजूद था।

कलियुग में लोग अपने बच्चों पर इतना प्यार दिखाते हैं कि उसी प्यार के नाते वे बच्चे बिगड़ जाते हैं। जैसे नकुल ने देखा। गाय अपनी अतीत प्यार के कारण चाट चाट कर अपने बच्चे को घायल कर दिया था।

अंत में सहदेव जो गिरती हुई पत्थर को देखा वही कलियुग के लोगों का जीवन विधान है। लोग अपने दुर्गुणों के कारण नीचे गिरने लगते हैं और वह छोटा सा पौधा, जो पत्थर को गिरावट से रोक सकी , उसी तरह लोग अंत में केवल भगवान के स्मरण करने से हीनीचे गिरने से अपने को बचा सकते हैं।

उद्धव गीता।। श्रीमद्भागवत।।🙏🙏

4 thoughts on “कलियुग”

  1. अतीव सुंदर👌👌 क्या इस कहानी का प्रचलन आपके यहाँ भी जनश्रुति में है कि सिर्फ महाभारत उवाच:

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    1. हमारी एक टीम है जहां वाट्साप् द्वारा आध्यात्मिक विषयों को तमिल भाषा में शेयर करते हैं। मैं ने उसे हिन्दी में अनुवाद किया।

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      1. हमें भी जोड़ लीजिये, थोड़ा ही सही हम भी सीखते रहेंगे और साथ तमिल भाई-बहन के अनुभव का लाभ मिलेगा। +918574420895

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